डेंगू में कितना पानी पीना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Tue 13th Dec 2022 : 15:36

डेंगूसे यदि पीड़ित हैं तो शरीर से पानी की कमी नहीं होने दें। खूब पानी पीएं। ओआरएस या फिर इलेक्ट्रॉल पाउडर का घोल भी ले सकते हैं। खुद चीनी और नमक का घोल बनाकर पी सकते हैं। डेंगू दो प्रकार का होता है। डेंगू शॉक सिंड्रोम और हेमोरेजिक डेंगू। हेमोरेजिक डेंगू खतरनाक होता है। इसमें प्लेटलेट्स कम होने पर शरीर के विभिन्न अंगों से ब्लीडिंग हो सकती है। डेंगू शॉक सिंड्रोम में शरीर से पानी कम हो जाता है। बीपी कम होने लगता है। डेंगू शॉक सिंड्रोम में हर चार घंटे पर पानी (घोल) पीते रहना चाहिए। यह कहना है पीएमसीएच के वरीय फिजिशियन डॉ. अशोक शंकर सिंह का। वे शनिवार को दैनिक भास्कर की हेल्थ काउंसलिंग में पाठकों को सलाह दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स कम होने पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिए प्लेटलेट्स काउंट होना चाहिए। खून में प्लेटलेट्स अधिक कम होने पर ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। ब्लीडिंग नाक, मुंह, शौच से भी हो सकता है। चमड़ा के नीचे भी खून जमा हो सकता है। ऐसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है और जरूरत के अनुसार प्लेटलेट्स चढ़ाना पड़ता है। वैसे 40 फीसदी लोगों को डेंगू शॉक सिंड्रोम होता है तो 10 फीसदी लोगों को हेमोरेजिक डेंगू का खतरा रहता है। प्लेटलेट्स 40 हजार के करीब जाए तो चिकित्सक की सलाह प्लेटलेट्स चढ़वा लेना चाहिए। प्लेटलेट्स यदि 20 हजार पर पहुंच जाए तो शरीर से ब्लीडिंग कहीं से भी हो सकती है। प्लेटलेट्स कम होने से खून पतला हो जाता है। ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। प्लेटलेट्स ही खून गाढ़ा बनाकर रखता है। डेंगू के मच्छर घर जमा पानी में उत्पन्न होते हैं।

{चिकनगुनिया से पीड़ित हूं। बुखार खत्म हो गया पर दर्द से परेशान हूं?

-चिकनगुनियाका बुखार खत्म होने के बाद जोड़ों में दर्द छह महीने से एक साल तक रह सकता है। दर्द खुद कुछ दिन बाद खत्म हो जाता है। वैसे चिकित्सक दर्द की इंटेंसिटी को कम करने के लिए हल्का स्टेरॉयड देते हैं। उससे थोड़ी राहत मिलती है।

{डेंगूके लक्षण क्या हैं?

-तेजबुखार, दर्द, उल्टी, प्लेटलेट्स का कम हो जाना, आंख पीछे और सिर में दर्द होता है। हेमोरेजिक डेंगू होने पर ब्लीडिंग भी संभव है। वहीं चिकनगुनिया में तेज बुखार और तेज दर्द होता है।

{चिकनगुनियासे पीड़ित हूं। बुखार नहीं है पर दर्द है?

-चिकनगुनियामें जोड़ों का दर्द छह से 12 महीने तक रह सकता है। चिकित्सक से सलाह लें। खुद से दर्द की दवा लें।

{तीनसाल की बेटी है, उसे डेंगू से कैसे बचाएं?

-मुख्यरूप से मच्छर से बचाव करना है। बच्चे को दिन में भी पूरा कपड़ा पहना कर रखें। घर में मच्छरदानी या फि‍र रिप्लेंट आदि का इस्तेमाल करें। घर में कहीं पानी जमा हो तो उसे साफ कर दें। बच्चे को मच्छरदानी के अंदर ही सुलाएं।

{बुखारजैसा लग रहा है। मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में दर्द है?

-बेहतरहै डेंगू और चिकनगुनिया की जांच कराकर संदेह को दूर कर लें। यदि डेंगू और चिकनगुनिया पॉजिटिव नहीं हो तो कोई चिंता की बात नहीं है।

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